Charu Chandralekh - चारु चंद्रलेख
- 1st Ed.
- New Delhi, India Rajkamal Prakashan 2006
- xx, 11-355 p.
9788126718795
इतिहास और कल्पना का समन्वय प्रेम और भावनाएँ भारतीय दर्शन मध्यकालीन भारतीय समाज मानव संबंध मानवीय मूल्य संस्कृति और परंपरा सामाजिक जीवन का चित्रण सांस्कृतिक विरासत साहित्यिक सौंदर्य स्त्री-चरित्र की संवेदनशीलता ऐतिहासिक उपन्यास