Parimal - परिमल Hindi
- First
- New Delhi, India Rajkamal Prakashan January 1, 2024
- 205 p. छायावाद (Chhayavaad) , प्रकृति चित्रण , सौंदर्य और संवेदनशीलता , प्रेम और भावनाएँ , मानवीय संवेदना , आध्यात्मिकता , काव्यात्मक भाषा , प्रकृति और मानव का संबंध , कल्पना और अनुभूति , व्यक्तिगत अभिव्यक्ति , साहित्यिक नवाचार , भावनात्मक गहराई Volume
9788171782192
छायावाद (Chhayavaad) , प्रकृति चित्रण , सौंदर्य और संवेदनशीलता , प्रेम और भावनाएँ , मानवीय संवेदना , आध्यात्मिकता , काव्यात्मक भाषा , प्रकृति और मानव का संबंध , कल्पना और अनुभूति , व्यक्तिगत अभिव्यक्ति , साहित्यिक नवाचार , भावनात्मक गहराई--India