Geetanjali Shree - गीतांजलि श्री 2022

Ret-Samadhi - रेत-समाधि Hindi - First - New Delhi, India Rajkamal Prakashan 31 May 2022 - 511 p. 21.59 x 13.97 x 1.27 cm Volume

9789387462250


पहचान और आत्मखोज , विभाजन (Partition) की स्मृतियाँ , सीमाएँ और सरहदें , वृद्धावस्था और नया जीवन , स्त्री स्वतंत्रता , परिवार और संबंध , सामाजिक रूढ़ियाँ , स्मृति और इतिहास , यात्रा और परिवर्तन , अस्तित्ववादी विचार , प्रयोगात्मक लेखन शैली , मानवीय संवेदनाएँ--India

891. / RET-S