| 000 | 01292nam a22001937a 4500 | ||
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| 003 | NITTTR | ||
| 005 | 20260311150724.0 | ||
| 008 | 260311b |||||||| |||| 00| 0 eng d | ||
| 020 | _a9788126718795 | ||
| 040 |
_bEnglish-Hindi _cIN-NITTTR |
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| 082 |
_2First _a891. _bCHA-D |
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| 100 |
_aHazari Prasad Dwivedi - हजारी प्रसाद द्विवेदी _d2006 |
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| 245 |
_aCharu Chandralekh - चारु चंद्रलेख _hHindi |
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| 250 | _aFirst | ||
| 260 |
_aNew Delhi, India _bRajkamal Prakashan _c1 January 2006 |
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| 300 |
_axx, 11-355 p. _c20.3 x 25.4 x 4.7 cm _fVolume |
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| 650 |
_aऐतिहासिक उपन्यास , मध्यकालीन भारतीय समाज , संस्कृति और परंपरा , प्रेम और भावनाएँ , स्त्री-चरित्र की संवेदनशीलता , सामाजिक जीवन का चित्रण , भारतीय दर्शन , मानव संबंध , साहित्यिक सौंदर्य , इतिहास और कल्पना का समन्वय , सांस्कृतिक विरासत , मानवीय मूल्य _zIndia |
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| 942 |
_2ddc _cBK _eFirst _n1 |
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| 999 |
_c35889 _d35889 |
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