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| 040 |
_bEng-Hindi _cIN-NITTTR |
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| 082 |
_2First _a891. _bKAH-S |
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| 100 |
_aGeetanjali Shree - गीतांजलि श्री _d1957 |
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| 245 |
_aAjneya: Kahani Sanchayan - अज्ञेय: कहानी संचयन _hHindi |
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| 250 | _aFirst | ||
| 260 |
_aNew Delhi, India _bRajkamal Prakashan _c1 January 2012 |
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| 300 |
_a263 p. _c20.32 x 12.7 x 1.27 cm _fVolume |
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| 650 |
_aकहानी संग्रह , आधुनिक हिंदी कथा साहित्य , अस्तित्ववाद , मानव मनोविज्ञान , सामाजिक यथार्थ , आत्मचिंतन , आधुनिकता और व्यक्तिवाद , मानवीय संबंध , साहित्यिक प्रयोगवाद , जीवन की जटिलताएँ , हिंदी कहानी साहित्य , अज्ञेय की रचनाएँ _zIndia |
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| 942 |
_2ddc _cBK _eFirst _n1 |
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| 999 |
_c35915 _d35915 |
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